बठिंडा के व्यस्ततम बीबीवाला रोड पर शनिवार को एक बेहद भयानक हादसा होने से टल गया। लगभग 35 स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल की वैन में अचानक आग लग गई। जैसे ही वैन के इंजन से घना धुआं निकलना शुरू हुआ, अंदर बैठे मासूम बच्चों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। वैन चालक बब्बू ने अदम्य सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोका और बच्चों को सुरक्षित पीछे के रास्ते निकलने की हिदायत दी।
वैन रुकते ही आग की लपटें काफी तेज हो गईं और कुछ ही पलों में पूरा धुआं गाड़ी के केबिन में भर गया। स्थिति को बिगड़ता देख आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने तुरंत मोर्चा संभाला। अंदर जमा धुएं के कारण बच्चों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा, जिसके चलते लोगों ने वैन के शीशे तोड़कर हवा का रास्ता बनाया और सभी 35 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर पास के एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
चालक ने तुरंत वैन में मौजूद अग्निशमन यंत्र से आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं आसपास के कारोबारी भी अपने-अपने दुकानों से फायर सिलेंडर लेकर मौके पर दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पीसीआर पुलिस की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
हादसे की खबर मिलते ही बदहवास माता-पिता मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को सही-सलामत देखकर उन्हें घर ले गए। शुरुआती जांच में आग का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस दर्दनाक वाकये ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की नियमित फिटनेस जांच, रखरखाव और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कड़े नियमों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

