पंजाब में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज लाखों सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसका असर सरकारी कामकाज पर साफ दिखाई दे रहा है। अस्पतालों से लेकर डीसी ऑफिस और अन्य सरकारी विभागों में कर्मचारी धरने पर बैठे हैं, जिससे कई सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारी संगठनों को बड़ा संदेश देते हुए कहा है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि कर्मचारी सरकार के परिवार का अहम हिस्सा हैं और उनकी हर जायज मांग सुनने के लिए सरकार तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी पहले हड़ताल खत्म करें, इसके बाद ही सरकार के साथ बातचीत होगी।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पंजाब में सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। अस्पतालों में भी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से OPD सेवाओं पर असर पड़ा है, जबकि जरूरी आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।
अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कर्मचारी संगठनों के अगले कदम पर नजर है। सरकार ने बातचीत का रास्ता खुला रखा है, लेकिन इसके लिए हड़ताल खत्म करने की शर्त रख दी है।
एक तरफ कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कर दिया है कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए तैयार है। ऐसे में अब देखना होगा कि कर्मचारी हड़ताल खत्म करने को लेकर क्या फैसला लेते हैं और सरकार के साथ बातचीत कब शुरू होती है।

