पंजाब के कपूरथला से एक ऐसा हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस युवक को मृत मानकर पूरे रीति-रिवाज के साथ परिवार ने मुखाग्नि दे दी और 20 दिन पहले उसकी आत्मिक शांति के लिए अंतिम अरदास और भोग भी कर लिया, वही बेटा अचानक कपूरथला की सेंट्रल जेल में जिंदा सलामत पाया गया है।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब परिवार के पास कपूरथला सेंट्रल जेल से एक कर्मचारी की कॉल आई। कॉल पर जब परिजनों को बताया गया कि उनका बेटा जेल में बंद है, तो पहले तो उन्हें अपनी कानों पर भरोसा ही नहीं हुआ। घबराए और हैरान परिजन जब आनन-फानन में सेंट्रल जेल पहुंचे और अपने बेटे को आंखों के सामने जिंदा देखा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।
दरअसल करीब 22 दिन पहले कपूरथला पुलिस को कंजली के पास एक अज्ञात युवक का लावारिस शव बरामद हुआ था। उस दौरान लापता चल रहे अपने बेटे की तलाश में जुटे परिवार ने हड़बड़ाहट और हुलिए के आधार पर उस शव की पहचान अपने बेटे के रूप में कर ली थी। पुलिस ने भी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद 13 अगस्त 2026 को पूरे गांव की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
इस हैरान कर देने वाले घटनाक्रम के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) शीतल सिंह ने बताया कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि शिनाख्त और शव सौंपने की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही हुई है और जो भी अधिकारी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

