पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने राजबीर सिंह घुम्मन को समन जारी किया है। उन्हें बुधवार को चंडीगढ़ स्थित CBI के सेक्टर-30 कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है।
CBI की पूछताछ कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और अन्य प्रशासनिक फैसलों में कथित हस्तक्षेप तथा आर्थिक लाभ से जुड़े आरोपों को लेकर होगी। ये आरोप मूल रूप से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सामने रखे गए थे। आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दर्ज किया केस
यह पूरा मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 5 अक्टूबर के आदेश के बाद आगे बढ़ा। हाईकोर्ट ने ED की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री के आधार पर मामले में CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने CBI से दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है।
इसके बाद CBI ने राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। एजेंसी के मुताबिक मामले में सरकारी अधिकारियों, कथित बिचौलियों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस समेत 8 ठिकानों पर रेड
CBI ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस समेत पंजाब और चंडीगढ़ में कुल 8 ठिकानों पर तलाशी ली। ये कार्रवाई चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में की गई।
CBI के मुताबिक तलाशी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एजेंसी इन डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित रिश्वतखोरी और सरकारी कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जा सके।
ED ने ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर में दखल के लगाए थे आरोप
ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजी गई रिपोर्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इनमें अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को प्रभावित करने, टेंडर की शर्तों, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक मंजूरियों, लाइसेंसिंग और जमीन से जुड़े मामलों में कथित हस्तक्षेप के आरोप शामिल हैं।
ED ने यह भी आरोप लगाया था कि सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और मुख्यमंत्री के OSD के बीच कथित तौर पर बिचौलियों के जरिए संपर्क कराया जाता था। एजेंसी ने कथित WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल सामग्री को भी जांच का हिस्सा बताया है।
नितिन गोहल का नाम भी जांच में सामने आया
ED के मुताबिक नितिन गोहल की भूमिका कथित तौर पर सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और OSD राजबीर घुम्मन के बीच मध्यस्थ की थी। CBI की FIR में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहल और अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है।
ED की कार्रवाई एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांच से भी जुड़ी थी, जिसमें GMADA की जमीन, Change of Land Use यानी CLU मंजूरियों और संपत्ति से जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही थी। एजेंसी ने इसी जांच से मिले तथ्यों को पंजाब पुलिस के साथ साझा किया था।
संगरूर में CBI टीम का फूल बरसाकर स्वागत
CBI की कार्रवाई के दौरान संगरूर के घरांचों गांव में स्थानीय स्तर पर अलग तस्वीर देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ लोगों ने CBI टीम का फूलों और मिठाइयों से स्वागत किया। इस दौरान ढोल भी बजाए गए।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद पंजाब सरकार ने 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और इस आदेश को चुनौती दी। राज्य सरकार ने विशेष अनुमति याचिका यानी SLP दाखिल की है। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर नजर है।
