पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की फ्लाइट उस वक्त हादसे का शिकार हो गई, जब लैंडिंग के दौरान विमान पर अचानक बिजली गिर गई। बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से में लगा रेडोम क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, पायलटों ने स्थिति को संभालते हुए विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई। विमान में सवार सभी 104 यात्री और 6 क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इंडिगो की फ्लाइट 6E925 ने पटना से लखनऊ के लिए उड़ान भरी थी। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंडिंग की प्रक्रिया के दौरान विमान अचानक बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने के बावजूद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया। खास बात यह रही कि फ्लाइट अपने निर्धारित समय शाम 4:12 बजे से करीब 8 मिनट पहले ही लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड कर गई।
लैंडिंग के बाद विमान में सवार सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, विमान के रनवे से हटकर पार्किंग बे में पहुंचने के बाद उसके अगले हिस्से को हुए नुकसान का पता चला। उड़ान के दौरान पायलटों को नुकसान की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं था। पायलटों ने एहतियात के तौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को विमान पर बिजली गिरने की सूचना जरूर दी थी। इसके बाद विमान की जांच की गई, जिसमें रेडोम के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई।
विमान के सबसे आगे लगे हिस्से को रेडोम कहा जाता है। यह विमान में लगे वेदर रडार को कवर और सुरक्षा प्रदान करता है। वेदर रडार की मदद से पायलटों को मौसम से जुड़ी परिस्थितियों, खासकर बारिश और तूफानी बादलों की जानकारी मिलती है। बिजली गिरने से रेडोम को नुकसान पहुंचने के बाद विमान की तकनीकी जांच जरूरी होती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
घटना के बाद एयरबस A320-251N विमान, जिसका टेल रजिस्ट्रेशन VT-IQZ है, को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही ग्राउंडेड कर दिया गया है। तकनीकी इंजीनियर विमान की जांच करेंगे और आवश्यक मरम्मत की जाएगी। घटना की जानकारी मानक प्रक्रिया के तहत नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को भी दे दी गई है। तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत पूरी होने के बाद DGCA की अनिवार्य मंजूरी मिलने पर ही विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दी जाएगी।
