पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस बार की सूची में लगभग 13 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में पहले कुल 2.14 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर लगभग 2.01 करोड़ रह गए हैं।
नाम कटने के मुख्य कारण
- करीब 7 लाख मतदाता पंजाब से अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं, जिन्होंने दूसरे राज्यों में अपनी वोट बनवा ली है।
- जांच के दौरान करीब 4 लाख मतदाताओं के निधन की पुष्टि हुई है।
- डुप्लीकेट प्रविष्टियां: वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान एक लाख से अधिक मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट पाए गए, जिन्हें सूची से हटा दिया गया है।
ड्राफ्ट रोल की तुलना में सुधार
इससे पहले 13 अगस्त को जारी किए गए ड्राफ्ट रोल में केवल 1.94 करोड़ मतदाता ही शामिल थे, क्योंकि उस समय बाकी वोटरों की मैपिंग पूरी नहीं हुई थी। इसके बाद नागरिकों से दावे और आपत्तियां (Claims & Objections) आमंत्रित किए गए, जिनकी जांच के बाद आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई और अब अंतिम वोटर लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ से अधिक हो गई है।
