जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों की चोटी पर स्थित वैष्णो माता मंदिर में रविवार को दर्शन के लिए होने वाली यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। नए साल की पूर्व संध्या पर माता के दर्शन के लिए कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी है, जिसकी वजह से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (एसएमवीडीएसबी) को यात्रा को थोड़े समय के लिए रोकने का फैसला करना पड़ा।
यह खबर ऐसे समय में आई है जबकि साल 2023 में यात्रियों की संख्या ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल अभी तक 97 लाख के करीब लोगों मां वैष्णो देवी के दर्शन किए हैं। इससे पहले 2012 में एक करोड़ श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। इस साल भी पहली जनवरी तक यह आंकड़ा 1 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए श्राइन बोर्ड की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मां वैष्णो देवी भवन के साथ ही सभी मार्ग यहां तक की आधार शिविर कटरा में सुरक्षा बलों के साथ ही पुलिस विभाग की अतिरिक्त कंपनियां के तैनाती की गई है। ड्रोन द्वारा भी निगरानी की जाएगी। नए साल 2024 के आगमन को लेकर 31 दिसंबर को उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा कई तरह के उपाय कर रही है।
भीड़ पर नियंत्रित करने के लिए बोर्ड की तरफ से मां वैष्णो देवी यात्रा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को विशेष स्टीकर युक्त आरएफआईडी यात्रा कार्ड उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे भवन में कितनी यात्रा पहुंच गई है, इसकी जानकारी श्राइन बोर्ड को मिलती रहे। दूसरी ओर, देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के लेकर श्राइन बोर्ड ने फैसला लिया है कि अब बिना मास्क के श्रद्धालुओं को यात्रा करने की इजाज़त नहीं होगी।
