मोगा में किशोर उम्र के 2 युवकों ने मिलकर 1 फरवरी की रात को गांव बधनीखुर्द में एनआरआई की हत्या कर उसी के घर में उसे दबा दिया। बाद में एनआरआई की हत्या कराने वाले दोनों हत्यारोपियों में से एक की हत्या एक दिन पहले वीरवार को कराकर थाना मैहना के पीछे रेलवे किनारे छप्पड़ में शव फेंक दिया। पुलिस ने दो-दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की साजिश रचने वाला मास्टर माइंड भी पुलिस के कब्जे में आ गया। मास्टर माइंड ने जिस प्रकार से दो किशोरों से एनआरआई की हत्या कराई, बाद में हत्यारोपी में से एक की हत्या करा दी, इसके चलते इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि पुलिस अभी पर्दाफाश नहीं करती तो हो सकता है इस पूरे हत्याकांड की साजिश रचने वाले 35 साल का कुलविंदर सिंह हत्या करने वाले तीसरे साथी को भी मरवा देता। पुलिस ने दोनों शव बरामद करने के बाद उन्हें मथुरादास सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
थाना मैहना के इंस्पेक्टर बलबंत सिंह का कहना है कि एनआरआई की हत्या किस उद्देश्य के साथ की थी, इसकी जांच की जा रही हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों ने हत्याकांड के सभी राज खोल दिए हैं। एसएसपी विवेकशील सोनी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीमें लगी हुई हैं, जल्द ही दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। सिविल अस्पताल में मृतक के शव को लेकर पहुंचे थाना बधनी खुर्द निवासी गगनदीप सिंह ने बताया कि उसका भाई 17 साल का मनिकरण सिंह वीरवार को गांव के ही अपने दो दोस्तों 34 साल का कुलविंदर सिंह व 18 साल का राजेश कुमार (16 फरवरी को ही 18 साल का हुआ) के साथ मोगा में फिल्म देखने के लिए घर से निकला था।
देर शाम तक जब उसका भाई घर नहीं पहुंचा तो गगनदीप ने अपने भाई को फोन मिलाया, भाई का फोन स्विच आफ आ रहा था, जब उसके दोनों दोस्तों को फोन मिलाया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। रात भर जब उसका भाई घर नहीं लौटा तो परिजनों ने सूचना थाना बधनीकलां पुलिस को दी। बधनीकलां पुलिस इस मामले में हरकत में आती उससे पहले ही थाना मैहना पुलिस ने थाने के पीछे छप्पड़ में एक शव पड़े होने की सूचना मिली तो पुलिस ने शव की पहचान कराने के बाद हत्या के सारे राज कुछ ही घंटों में खोल डाले।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बधनीखुर्द निवासी 35 वर्षीय कुलविंदर सिंह का इसी गांव के एनआरआई तीरथ सिंह के साथ जमीन का झगड़ा चल रहा था। एनआरआई इन दिनों बधनी खुर्द अपने घर में आया हुआ था वह अकेला था, परिवार में कोई अन्य सदस्य नहीं था। कुलविंदर सिंह ने 17 साल के मनिकरण व 18 साल के राजेश कुमार को एनआरआई की हत्या के लिए उसका कर 1-2 फरवरी की रात को उसकी हत्या करा दी। शव को उसके घर में ही दफना दिया। एनआरआई घर में कम ही रहता था, जिस कारण दो फरवरी के बाद से अब तक वह दिखा नहीं तो पड़ोसियों को भी कुछ अजीब नहीं लगा, उन्हें लगा कि वह चला गया होगा।
एनआरआई की हत्या के बाद कुलविंदर सिंह ने हत्या करने वाले किशोरों की भी हत्या की साजिश रच ली। इसी साजिश के तहत वह मनिकरण को वीरवार को राजेश को साथ लेकर फिल्म दिखाने के बहाने मोगा लेकर आया, यहां राजेश के साथ मिलकर कुलविंदर सिंह ने मनिकरण की हत्या कर थाना मैहना के पीछे छप्पड़ में शव फिंकवा दिया। कुलविंदर सिंह इसके बाद कोई अगली साजिश रच पाता, उससे पहले ही मनिकरण का शव बरामद होने के कारण हत्याकांड का मैहना पुलिस ने राजफाश कर दिया।
