हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जननायक जनता पार्टी (JJP) के बीच गठबंधन पर फुल स्टॉप लग सकता है. बीजेपी ने जननायक जनता पार्टी को मंत्रिमंडल से अलग करने के लिए रणनीति भी बना ली है. खट्टर सरकार के मंत्रिमंडल का आज यानी मंगलवार को सामूहिक इस्तीफा हो सकता है. इसके बाद नए सिरे से मंत्रिमंडल गठित किया जाएगा. नए मंत्रिमंडल में जेजेपी शामिल नहीं होगी. आज यानी मंगलवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है.
दिल्ली से आब्जर्वर के तौर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और महासचिव तरुण चुग चंडीगढ़ रवाना हो गए हैं. हरियाणा प्रभारी विप्लव देव भी चंडीगढ़ पहुंच गए हैं. जेजेपी-बीजेपी अलग होने की स्थिति में हरियाणा में सरकार बचाने और नई सरकार बनाने की सभी संभावनाओं पर फैसला लिया जाएगा. हरियाणा में मुख्यमंत्री चेंज किए जाने पर भी विचार हो सकता है.
90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है. बीजेपी के पास 41 विधायक हैं. उसे 6 निर्दलीय विधायकों का भी साथ है. इसके अलावा गोपाल कांडा की हरियाणा लोकहित पार्टी का भी उसे समर्थन है. जेजेपी के अलग होने पर बीजेपी को 48 विधायकों का समर्थन रहेगा. कांग्रेस की बात करें तो सदन में उसके 30 विधायक हैं. वहीं, जेजेपी के 10 विधायक हैं. इंडियन नेशनल लोकदल (अभय चौटाला) के पास 1 विधायक है और 1 विधायक निर्दलीय है.
