• Mon. Mar 23rd, 2026

बड़ी खबरः करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में जेल में बंद पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू का हुआ निधन

ByPunjab Khabar Live

Aug 26, 2024

करोड़ों रुपये की ठगी मामले में तिहाड़ जेल में बंद पर्ल ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक निर्मल सिंह भंगू का रविवार को निधन हो गया. शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें DDU अस्पताल ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. निर्मल सिंह करोड़ों रुपये की ठगी मामले में कई साल से तिहाड़ जेल में बंद थे.

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निर्मल सिंह भंगू की तबीयत अचानक खराब होने पर शनिवार को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. वेस्ट जिले के डीसीपी विचित्र वीर ने निर्मल सिंह भंगू की मौत की पुष्टि की. उनका इलाज काफी समय से चल रहा था. उन पर पर्ल ग्रुप की कंपनी के नाम पर चिट फंड के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप था. इस मामले में वह 2016 से तिहाड़ जेल में बंद थे. निर्मल सिंह भंगू को चिटफंड कंपनी द्वारा किए गए घोटाले के आरोप में सीबीआई ने 8 जनवरी 2016 को गिरफ्तार किया था.

जानकारी के अनुसार पर्ल ग्रुप का कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू पंजाब के बरनाला जिले के रहने वाले थे. शुरू में वह एक दूधिया के तौर पर इलाके में अलग-अलग गांव जाकर दूध बेचा करते थे. इसके बाद 70 के दशक में रोजगार की तलाश में वह कोलकाता चले गए जहां उन्होंने तब की नामी कंपनी पियरलेस में काम किया. कुछ वक्त बाद वहां की नौकरी छोड़कर वह हरियाणा की एक कंपनी फॉरेस्ट इंडिया लिमिटेड में काम करने आ गए. हालांकि इस कंपनी पर भी करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा था और कुछ वक्त बाद यह कंपनी भी बंद हो गई.

फिर 1980 में उन्होंने पर्ल गोल्डन फॉरेस्ट नाम से खुद की कंपनी बनाई और लोगों को सागवान सहित अन्य पेड़ो में इन्वेस्ट करने पर अच्छा खासा लाभ देकर पैसा लौटने की बात कही. उनके झांसे में आकर लोग पैसे इन्वेस्ट करने लगे और उन्होंने डेढ़ दशक में करोड़ों रुपये कमा लिए. इसी बीच उनकी कंपनी की गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद इनकम टैक्स के साथ-साथ दूसरी एजेंसियों ने जांच शुरू की और कंपनी बंद हो गई. देश के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत की थी. जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और उनकी कंपनी का फ्रॉड सबके सामने आया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page