जालंधर से अपहरण की गई 20 वर्षीय डाक विभाग की महिला कर्मचारी के अपहरण किए जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। क्योंकि लड़की की हालत इस कदर खराब है कि वारदात को करीब 4 दिन बीत चुके हैं, मगर वह अभी तक पुलिस को बयान देने लायक नहीं हुई। लड़की के अंदरूनी हिस्सों में काफी चोटें हैं। जिसके चलते पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाया है, क्योंकि लड़की से गैंगरेप की आशंका है।
इसका खुलासा मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। बता दें कि देर रात सिविल अस्पताल में शहर के कई AAP, कांग्रेस और बीजेपी के नेता पहुंच गए थे। आज यानी सोमवार को जालंधर के पूर्व सांसद सुशील कुमार रिंकू पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ सिविल अस्पताल में लड़की का पता लेने के लिए पहुंचे। सुशील रिंकू ने कहा- जिन लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है, उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाना चाहिए। क्योंकि बच्ची इतना सदमे में हैं कि जब उठती है, तब सिर्फ यही कहती है कि मुझे इंजेक्शन न लगाओ। यही कहती कहते कहते सो जाती है।
इस स्थिति से पता चला है कि लड़की के हालत कितनी बुरी हुई पड़ी है। ऐसे में पुलिस और सरकार को आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए, क्योंकि पंजाब को किसी भी हालत में दूसरा कोलकाता नहीं बनने दिया जाएगा। क्योंकि पंजाब और जालंधर के लोग सुख शांति चाहते हैं, ना की किसी प्रकार का कोई क्राइम । जालंधर कमिश्नरेट के थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस ने बीएनएस 127(6) के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस केस में पुलिस ने रामामंडी फौजी वाली गली में रहने वाली बलविंदर सिंह उर्फ बॉबी उर्फ बलविंदर डाकिया (29) को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में नहीं पेश किया है। एसएचओ भूषण कुमार ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस द्वारा अगली कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि बच्ची फिलहाल बयान दर्ज करवाने की स्थिति में नहीं है।
