जालंधर के गुलजार नगर में देर रात वरिष्ठ एडवोकेट गुरमोहन सिंह के घर के बाहर फायरिंग में पुलिस ने 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर एडवोकेट गुरमोहन सिंह के बयानों पर पुलिस ने की है। दरअसल, एडवोकेट गुरमोहन सिंह ने पुलिस को दिए ब्यानों में आरोप लगाया है कि उन पर गोली रिटायर्ड सैशन जज किशोर कुमार, रिटायर्ड तहसीलदार मनोहर लाल तथा एनआरआई बलराज पाल दोसांझ उसके बेटे लतिन्द्र सिंह ने फायरिंग करवाई है। जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने रिटायर्ड जज, रिटायर्ड तहसीलदार, एनआरआई पिता पुत्र समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। हालांकि एफआईआर में दो अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।
गुरमोहन सिंह ने पुलिस को दिए ब्यानों में कहा है कि कनाडा में रहते उनके दोस्त अमरप्रीत सिंह औलख का बलराज पाल दोसांझ उसके बेटे लतिन्द्र सिंह उर्फ डैनी, बेटी निशवंत उर्फ निशी के साथ Property dispute चल रहा है। पिछले 2-3 महीने से वे अदालत में चल रहे केस की बतौर अटार्नी पैरवी कर रहे हैं। अभी 19 अगस्त को उन्हें Whatsapp कॉल पर धमकाया गया कि बलराज पाल दोसांझ उनकी बहन हैं और प्रतापपुरा की प्रोपर्टी उनकी और बच्चों की है। वे उक्त केस की पैरवी न करे, नहीं तो खतरनाक नतीजे भुगतने पड़ेंगे। बताया कि उनकी जमीन पूर्व जजों और एग्जीक्यूटिव अधिकारियों ने खरीद ली है।
एडवोकेट गुरमोहन ने ब्यानों में कहा कि उन्हें धमकाने में बलराजपाल दोसांझ, उसके बच्चे डैनी, निशि और किशोर कुमार व मनोहर लाल का हाथ है। इसके पश्चात बीती रात उनकी पत्नी ने घर के बाहर गोलियां चलने की आवाज सुनी। वे घर के बाहर आए तो देखा कि गोली के निशान थे। एडवोकेट गुरमोहन के मुताबिक वे घर आए तो सीसीटीवी में देखा एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर के बाहर फायर कर रहा है और दूसरा मोटर साईकल पर बैठ कर इस वारदात की वीडियो बना रहा था।
इसके पश्चात उन्हें फिर फोन कॉल आई और धमकाया गया। एडवोकेट गुरमोहन का आरोप है कि उक्त सभी लोगों ने उन्हें और परिवार को मार देने की नीयत से गोलियां चलवाई हैं ताकि वे अमरप्रीत औलख के केस की पैरवी न कर सकें। कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
