आप सरकार में अकाली दल का सिक्का? जालंधर की अवैध मार्केट पर उठे बड़े सवाल
जालंधर। जेपी नगर में अवैध मार्केट को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरोप हैं कि नगर निगम की नाक के नीचे अवैध निर्माण खड़ा हो गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर बड़े मंच तक पहुंच चुका है। इमारत के मालिक अकाली दल के नेता हैं जिन्होंने आप सरकार में अवैध इमारत खड़ी कर सरकार के मंसूबे पर पानी फेर दिया है कि आप सरकार करप्शन के खिलाफ है।
नगर निगम में तैनात एमटीपी इकबालप्रीत रंधावा पर आरोप लगाया जा रहा है कि वे अकाली दल से जुड़े नेताओं की हिमायत कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध है तो अब तक सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए? क्या कानून का पालन सबके लिए समान है या राजनीतिक पहुंच के आधार पर फर्क पड़ता है?
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब आम आदमी पार्टी सरकार प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा कर रही है। विपक्ष का कहना है कि जालंधर की घटनाएं इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।
दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल से जुड़े नेताओं पर भी राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए जा रहे हैं। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाई जाए, ताकि यह साफ हो सके कि अवैध निर्माण हुआ या नहीं, और यदि हुआ तो जिम्मेदारी किसकी है। अब निगाहें नगर निगम और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या ठोस कार्रवाई होगी या मामला केवल सियासी बयानबाजी तक सीमित रहेगा?
