पंजाब खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह काकू आहलूवालिया ने चंडीगढ़ स्थित बोर्ड कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में बोर्ड ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। चेयरमैन ने महात्मा गांधी की विचारधारा को दोहराते हुए कहा कि खादी केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, जिसे रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के आंकड़ों को साझा करते हुए चेयरमैन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 457 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों के माध्यम से राज्य के 5027 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। सरकार की ओर से इन लाभार्थियों को कुल 32 करोड़ 77 लाख 85 हजार रुपये की सब्सिडी दी गई है। स्थापित की गई इकाइयों में 100 इकाइयां छोटे स्तर की, 204 मध्यम स्तर की और 153 इकाइयां 25 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के बड़े निवेश वाली हैं, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रही हैं।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए चेयरमैन ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 को “रोजगार सृजन वर्ष” घोषित किया है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ईमानदारी से गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाले’ के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाना है। इसके लिए कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य स्तर पर और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि युवाओं के विदेश पलायन को रोका जा सके।
