पंजाब के किसान शुक्रवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ स्थित राजभवन की ओर कूच करने निकले, लेकिन मोहाली बॉर्डर पर उन्हें पुलिस के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। किसान कर्ज सीमा बढ़ाने, फसलों पर MSP में बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते मोहाली और चंडीगढ़ से जुड़े कई मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है और दो प्रमुख बॉर्डर पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब से लगती सभी सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी है। किसी भी प्रदर्शनकारी को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। मोहाली बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया। मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें एसएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं, मौके पर मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं किसानों ने साफ किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इन मांगों को लेकर किसान कर रहे प्रदर्शन….
‘दरियाई पानी’ पर नई मांगः किसान ‘दरियाई पानी’ (नदी के पानी) के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने की मांग कर रहे हैं और ‘पंजाब पुनर्गठन एक्ट’ की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
बिजली और कृषि कानून: वे केंद्र के प्रस्तावित ‘बिजली संशोधन बिल 2025’ और ‘बीज कानून 2025’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
MSP की कानूनी गारंटी: लंबे समय से लंबित मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है।
सहकारी ऋण सीमाएं: किसान सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। वे धान के सीजन के दौरान फुल क्षमता में बिजली और नहर के पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं।
