देशभर में महंगाई का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। 5 दिन के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही सीएनजी के रेट में भी 1.73 रुपए तक का इजाफा हुआ है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
पंजाब के कई शहरों में बढ़े तेल के रेट
लुधियाना में पेट्रोल की कीमत 101.11 रुपए से बढ़कर 101.98 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 90.90 रुपए से बढ़कर 91.79 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। यानी पेट्रोल में 85 पैसे और डीजल में 89 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जालंधर में पेट्रोल के दाम 100.40 रुपए से बढ़कर 101.41 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं डीजल 90.35 रुपए से बढ़कर 91.24 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
पठानकोट में पेट्रोल की कीमत 101.60 रुपए से बढ़कर 102.46 रुपए प्रति लीटर हो गई, जबकि डीजल 91.38 रुपए से बढ़कर 92.25 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया।
वहीं चंडीगढ़ में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में उछाल देखने को मिला। पेट्रोल 97.27 रुपए से बढ़कर 98.12 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 85.25 रुपए से बढ़कर 86.09 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, धान के सीजन के दौरान किसानों को करीब 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। अनुमान है कि एक एकड़ धान की खेती में औसतन 90 लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में डीजल महंगा होने से खेती की लागत और बढ़ जाएगी।
लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दामों से ट्रांसपोर्टेशन, खेती और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों का बजट प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
