• Wed. Jun 17th, 2026

मौत के साए से वतन वापसी, लेबनान में फंसे पंजाब के युवाओं को खालसा एड ने बचाया

ByPunjab Khabar Live

Jun 17, 2026

जालंधर की विश्व प्रसिद्ध सामाजिक संस्था ‘खालसा एड’ के अथक प्रयासों से लेबनान के बेहद अस्थिर और चुनौतीपूर्ण माहौल में फंसे पंजाब के 5 युवकों को सुरक्षित भारत वापस ले आया गया है। ये युवक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण वहां फंस गए थे और बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। खालसा एड ने इस गंभीर मामले को अपनी प्राथमिकता में शामिल करते हुए भारत सरकार, पूर्व विदेश सचिव व वर्तमान राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और बेरुत स्थित भारतीय दूतावास के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाया, जिसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर इन युवाओं की सुरक्षित वतन वापसी संभव हो सकी।

खालसा एड के ट्रस्टी जसप्रीत सिंह दाहिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सुरक्षित लौटने वाले युवाओं में पटियाला के करम सिंह व जसप्रीत सिंह, जालंधर के दलबीर सिंह व हरजिंदर कुमार और होशियारपुर के विचित्र सिंह शामिल हैं। क्षेत्र में बढ़े युद्ध के हालातों के कारण ये युवक लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और अपने घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

वतन लौटने की राह में लगातार आ रही रुकावटों के बाद इन युवकों ने अपनी आपबीती खालसा एड से साझा की थी। संस्था के प्रमुख रवि सिंह से जानकारी मिलते ही जसप्रीत सिंह दाहिया ने बिना समय गंवाए भारत सरकार के पूर्व विदेश सचिव और वर्तमान राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से संपर्क साधा। संधू के विशेष दखल और सहयोग से भारत सरकार और बेरुत स्थित भारतीय दूतावास के बीच तुरंत आवश्यक तालमेल स्थापित हुआ, जिसने युवाओं की सुरक्षित घर वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया।

सुरक्षित भारत की धरती पर कदम रखते ही युवाओं और उनके परिवारों की आंखें खुशी से नम हो गईं। भावुक हुए युवाओं ने कहा कि अगर सही समय पर खालसा एड और तरनजीत सिंह संधू द्वारा ये प्रयास न किए जाते, तो शायद वे कभी अपने परिवारों से दोबारा नहीं मिल पाते। तनावपूर्ण माहौल के कारण वे पूरी तरह उम्मीद खो चुके थे, लेकिन इस रेस्क्यू ने उन्हें नया जीवन दिया है। सभी ने भारतीय दूतावास और संस्था के पदाधिकारियों का दिल से आभार व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक सफलता पर जसप्रीत सिंह दाहिया ने संस्था के सेवा कार्यों की भावना को दोहराया। उन्होंने कहा कि खालसा एड का मिशन केवल राहत सामग्री पहुंचाना मात्र नहीं है, बल्कि संकट में फंसे इंसानों को सुरक्षा, सम्मान और एक नई उम्मीद देना है। आज संस्था दुनिया के 50 से अधिक देशों में बिना किसी भेदभाव के प्राकृतिक आपदाओं और युद्ध जैसी विभीषिकाओं के बीच मानवता की निस्वार्थ सेवा में निरंतर डटी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page