
चंडीगढ़ प्रशासन ने कैब एग्रीगेटर कंपनी OLA के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाओं को छह महीने के लिए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि कंपनी लगातार नियमों का उल्लंघन कर रही थी और बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद आवश्यक जवाब और अनुपालन रिपोर्ट जमा नहीं कराई गई।
प्रशासन को कैब चालकों और अन्य स्रोतों से शिकायतें मिली थीं कि कंपनी ड्राइवरों के स्वास्थ्य बीमा, टर्म इंश्योरेंस और प्रशिक्षण जैसी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं कर रही है। इसके अलावा कंपनी का स्थानीय कार्यालय बंद होने की बात भी सामने आई थी।
कंपनी को कई बार पत्र और ई-मेल के माध्यम से नियमों के अनुपालन संबंधी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। सितंबर 2025 में परिवहन सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी कंपनी को सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
चंडीगढ़ प्रशासन ने OLA प्लेटफॉर्म से जुड़े टैक्सी चालकों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे शहर में एप के माध्यम से किसी भी प्रकार की बुकिंग स्वीकार न करें। प्रशासन ने कहा है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जब्त भी किया जा सकता है।
प्रशासन के फैसले के बाद ट्राइसिटी क्षेत्र में OLA की टैक्सी, ऑटो और बाइक सेवाओं पर भी रोक लग गई है। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंध अवधि के दौरान OLA एप के माध्यम से वाहन बुक न करें। प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाएगा।

