
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने राज्य की परीक्षा प्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे तीखे हमलों पर करारा पलटवार किया है। हरजोत बैंस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर उनके इस्तीफा देने से पंजाब का एजुकेशन सिस्टम और बेहतर हो सकता है, तो वह एक सेकंड की भी देरी किए बिना अभी अपना पद छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने साफ किया कि उन्हें किसी भी पद या कुर्सी का मोह नहीं है।
विपक्ष के इन तमाम हमलों और इस्तीफे की मांगों का जवाब देते हुए हरजोत बैंस ने कहा कि उन्हें पद छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह साल 2011 में राजनीति में पूरी तरह अकेले आए थे और इसी तरह बेखौफ अंदाज में अब भी जंतर-मंतर पर अकेले ही गए थे।
फार्मेसी परीक्षा विवाद पर सफाई देते हुए बैंस ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने परीक्षा में हुई नकल और गड़बड़ी की बात को दबाने या छिपाने के बजाय खुद पकड़ा और सार्वजनिक रूप से उजागर किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की एकमात्र मंशा इस पूरे सिस्टम को पूरी तरह साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाने की है, न कि किसी भी तरह की गड़बड़ियों पर पर्दा डालना।
शिक्षामंत्री हरजोत बैंस हाल ही में दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के एक धरने में शामिल होने के लिए गए थे। उनके इस दौरे के बाद से ही पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए हरजोत बैंस से उनके पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग शुरू कर दी थी। विपक्ष का मुख्य आरोप था कि पंजाब में हाल ही में हुए फार्मेसी एग्जाम के दौरान नकल का एक बड़ा मामला सामने आया है, और इस पूरी व्यवस्थागत विफलता के लिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार जिम्मेदार है।

