
NEET परीक्षा को लेकर चल रहे देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को एक बड़ा ऐलान किया है। पीएम ने घोषणा की है कि देश में पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने ही देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने खुद एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण प्रदान किया। इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ हुए लाठीचार्ज को लेकर करीब 40 मिनट की एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
राहुल गांधी ने प्रैस कॉन्फ्रैंस में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को इतनी बुरी तरह क्यों पीटा? राहुल ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाओं से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, लेकिन इस गंभीर मामले में अभी तक किसी को भी ठोस सजा नहीं मिली है।
राहुल गांधी ने अपनी तीन प्रमुख मांगें भी रखीं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

