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CM भगवंत मान के साथ डेरा सचखंड बल्लां पहुंचीं जालंधर कैंट हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा, क्षेत्र में गया सकारात्मक संदेश

ByPunjab Khabar Live

Aug 9, 2026

 

जालंधर कैंट से हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ प्रसिद्ध और पवित्र धार्मिक स्थल डेरा सचखंड बल्लां का विशेष दौरा किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राजविंदर कौर थियाड़ा की अगुवाई और मौजूदगी ने उनके हलके के लोगों और डेरा श्रद्धालुओं के बीच एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया है। उनके नेतृत्व में हुआ यह दौरा क्षेत्र की जनता के प्रति उनके जुड़ाव और सामाजिक सद्भाव के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

संत निरंजन दास जी के दरबार में नतमस्तक होकर लिया आशीर्वाद, मानवता की सेवा की सराहना

डेरा बल्लां पहुंचने पर राजविंदर कौर थियाड़ा और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेरा प्रमुख संत निरंजन दास जी से खास मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पूरी श्रद्धा और सत्कार के साथ संत जी के दरबार में नतमस्तक होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान राजविंदर कौर थियाड़ा ने संत निरंजन दास जी का कुशलक्षेम जाना और समाज की भलाई, मानवता की सेवा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए डेरे द्वारा किए जा रहे महान कार्यों की भरपूर सराहना की।

धार्मिक स्थलों से गहरा जुड़ाव, ‘सर्व सांझेवालता’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहीं थियाड़ा

जालंधर कैंट क्षेत्र की इंचार्ज होने के नाते राजविंदर कौर थियाड़ा का यह दौरा राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री के साथ उनकी इस प्रभावशाली उपस्थिति से यह साबित होता है कि वह अपने हलके के धार्मिक स्थलों और वहां की जनता से कितनी गहराई से जुड़ी हुई हैं। थियाड़ा ने हमेशा ही ‘सर्व सांझेवालता’ (सबका साथ) के सिद्धांत पर चलते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है, जिसकी झलक इस पवित्र दौरे में भी साफ दिखाई दी।

डेरा बल्लां को बताया प्रेरणास्रोत, मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी जताया आभार

इस विशेष दौरे के दौरान राजविंदर कौर थियाड़ा ने कहा कि डेरा सचखंड बल्लां हमेशा से ही मानवता, समानता और भाईचारे का प्रेरणास्रोत रहा है और यहां आकर उन्हें असीम आध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का भी आभार व्यक्त किया, जो उनके हलके में स्थित इस महान तपोस्थली पर नतमस्तक होने के लिए विशेष रूप से पहुंचे। कुल मिलाकर, राजविंदर कौर थियाड़ा की यह पहल जनता व धार्मिक संस्थाओं के प्रति उनके समर्पण को और अधिक मजबूत करती है।

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