निगम में नए कमिश्नर गौतम जैन की तैनाती के बाद एक बार फिर से सफाई के काम को लेकर आपात स्थिति पैदा हो गई है। इससे पहले भी बीते 3 माह में 3 बार आधे शहर और 30 वाडरें से कूड़ा उठाने का काम कई दिनों तक बंद हो चुका है। बावजूद इसके निगम अफसरों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परेशान निगम के डंपों से रोजाना कूड़ा उठाने का काम करने वाले दोनों ठेकेदारों ने मंगलवार से पूरे शहर से कूड़ा उठाने का काम बंद करने का ऐलान कर दिया है। ठेकेदारों को सोमवार तक उनके सैंक्शन काम की अप्रूवल और पैंडिंग बकाया बिल को क्लीयर करने का अफसरों ने भरोसा दिया था, लेकिन पूरे दिन में हुआ कुछ नहीं। इसको लेकर आकाश कांट्रैक्टर और गौरव गुप्ता ने पहले ही सोमवार को उनकी मांगें पूरी न होने पर मंगलवार से काम बंद करने का अल्टीमेटम निगम के ज्वाइंट कमिश्नर पुनीत शर्मा और सहायक कमिश्नर राजेश खोखर को लिखित रूप में दे रखा था।
गौरव गुप्ता ने बताया कि सभी डंप से कूड़ा उठाने के साथ ही वरियाणा डंप पर कूड़े को व्यवस्थित करने का काम कर रहा डोजर भी बंद रहेगा। आकाश कांट्रैक्टर का कहना है कि वो आधा दर्जन डंप के साथ ही करीब 30 वार्ड से ट्रैक्टर ट्रॉली से रोजाना कूड़ा उठाने का काम बंद रखेगा। निगम के दोनों ठेकेदार कई कामों के बिल तैयार नहीं होने के बावजूद अब तक 3.50 करोड़ रुपए के बकाया बिल के भुगतान को लेकर बीते एक साल से निगम दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कई आश्वासनों के बावजूद इनको पेमैंट देना तो दूर इनके पूरे बिल तक को क्लीयर नहीं किया गया है। दरअसल बीते 3 निगम कमिश्नर के कुर्सी संभालने के बावजूद ठेकेदारों को सिर्फ जल्द पेमैंट देने का आश्वासन ही मिल रहा है, लेकिन फूटी कौड़ी का भुगतान नहीं हो पाया है।
