किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है। खनौरी बॉर्डर पर देर शाम किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रदर्शन का आगे का प्लान बताया। इस दौरान 29 फरवरी तक दिल्ली कूच का फैसला टाल दिया गया है। वहीं दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के प्रतिनिधि जगजीत सिंह डल्लेवाल व किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधि सरवन सिंह पंढेर ने बॉर्डर पर नौजवान किसान की कथित तौर पर गोली लगने से हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट तथा मानव अधिकार आयोग को संज्ञान लेने की अपील की।
साथ ही मोर्चे की अगली रणनीति का एलान करते हुए कहा कि शंभू व खनौरी बॉर्डर पर किसान मोर्चे दौरान जान गंवाने वाले नौजवान शुभकरण सिंह समेत चार अन्य किसानों की याद में 24 फरवरी को दोनों बॉर्डर पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने एलान किया कि शंभू व खनौरी बॉर्डर पर किसान मोर्चे दौरान जान गंवाने वाले नौजवान शुभकरण सिंह समेत चार अन्य किसानों की याद में 24 फरवरी को दोनों बॉर्डर पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
25 फरवरी को डब्ल्यूटीओ के संबंधी नौजवानों व किसानों को जागरूक करने के लिए बॉर्डर पर सेमिनार करवाए जाएंगे, जिसमें बुद्धिजीवी शामिल होंगे व अपने विचार पेश करेंगे। 26 फरवरी को भारत भर में डब्ल्यूटीओ, कॉर्पोरेट घरानों, प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के गांव-गांव में पुतले जुलाए जाएंगे व दोपहर बाद खनौरी व शंभू बॉर्डर पर20-20 फीट ऊंचे पुतले पुतले दहन करेंगे। 27 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक व किसान मजदूर मोर्चा द्वारा अपनी-अपनी फोरम की बैठक की जाएगी। साथ ही इसमें देश भर के किसान मजदूर संगठनों को शामिल होने का आवाहन करेंगे।
इस दौरान शुभकरण सिंह के मौत के मामले में हरियाणा पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर केस दर्ज न करने सहित अन्य मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। 28 फरवरी को संयुक्त तौर पर कॉन्फ्रेंस की जाएगी। 29 फरवरी को संघर्ष की अगली रूपरेखा का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
