पंजाब के मुख्य सचिव ने हरियाणा सरकार को भेजा पत्र
पंजाब के किसान अपनी मांगों के लिए पंजाब एवं हरियाणा की सीमा पर डटे हुए हैं। हरियाणा की पुलिस व सुरक्षा कर्मियों द्वारा किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आंसु गैस आदि का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं 21 फरवरी के दिन खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के किसानों व हरियाणा की सरकार के बीच तेज झड़प में घायल हुए किसानों को हरियाणा की पुलिस द्वारा अपनी हद से ही गिरफ्तार करके हरियाणा के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। इनमें से एक किसान जिसका नाम पृतपाल सिंह जो कि संगरूर का निवासी है, पता चला है कि हरियाणा की पुलिस द्वारा उसे रोहतक के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है।
इस मामले को लेकर बीते दिन किसानों ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा गया था कि हरियाणा पुलिस उनके कुछ किसानों को ले गई है। वहीं उन्होंने प्रीतपाल सिंह को लेकर मुद्दा उठाया था कि वह रोहतक के अस्तपाल में भर्ती है और उसकी हालत काफी गंभीर है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाए थे कि वहां पर उसका सही तरीके से ईलाज नहीं हो रहा है। इस मामले को लेकर पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने मांग की है कि किसान प्रीतपाल सिंह का ईलाज रोहतक के पीजीआई में चल रहा है। उक्त प्रीतपाल सिंह को पंजाब दो दे दिया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उसका पंजाब में मुफ्त ईलाज करवाएगी।
