लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) में चंडीगढ़ और 4 राज्यों में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हो गया। दिल्ली में AAP 4 सीटों पर और कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हरियाणा में कांग्रेस 9 और AAP एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। गुजरात में कांग्रेस 24 और AAP 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। चंडीगढ़ की सीट कांग्रेस के खाते में गई है।
24 फरवरी, शनिवार को कांग्रेस की तरफ से मुकुल वासनिक और AAP नेता सौरभ भारद्वाज, आतिशी ने सीट शेयरिंग की औपचारिक घोषणा की। गोवा की दोनों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस अपने कैंडिडेट उतारेगी। पंजाब में गठबंधन को लेकर कुछ नहीं कहा। कांग्रेस और AAP वहां पर अलग-अलग चुनाव लड़ेंगी।
I.N.D.I.A की सदस्य AAP और कांग्रेस के बीच 23 फरवरी को दिल्ली में बैठक हुई थी। दिल्ली की 7 लोकसभा सीट के लिए दोनों पार्टियों ने 4-3 का फॉर्मूला निकाला। कांग्रेस तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इनमें चांदनी चौक, नॉर्थ वेस्ट और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की सीट हैं।
वहीं, AAP दिल्ली की चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। इसमें नई दिल्ली, साउथ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और ईस्ट दिल्ली सीट का नाम शामिल है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी 7 सीटों पर BJP ने कब्जा जमाया था। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और AAP में सहमति नहीं बनी। AAP और कांग्रेस सभी सीटों पर अलग-अलग ही चुनाव लड़ेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में 10 फरवरी को इसका ऐलान भी किया था। उन्होंने 21 फरवरी को कहा था- पंजाब में अकेले लड़ने के फैसला जीतने के लिए किया है।
