खन्ना के गांव अलौड में एक घर में खाना बनाते समय हादसा हुआ। रसोई गैस सिलेंडर से गैस लीक हुई और आग लगने से तीन बच्चों समेत चार लोग झुलस गए। इनमें से दो बच्चों को खन्ना से चंडीगढ़ रेफर किया गया है। ग़नीमत रही कि सिलेंडर में धमाका नहीं हुआ। इससे जानी नुकसान भी हो सकता था।
बलबीर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी रविवार की रात को खाना बना रही थी। उसका बेटा, भतीजा और भतीजी पास बैठे थे। तभी उसकी पत्नी हाथ धोने चली गई। सिलेंडर में से गैस लीक हुई और आग फैल गई। बच्चों की चीखें सुनकर घर में मौजूद बुजुर्ग जोगा सिंह उन्हें बचाने गया तो वह भी झुलस गया।
घर में चीखें सुनकर आसपास के लोग वहां इकठ्ठे हुए। इससे पहले कि फायर ब्रिगेड का इंतजार करते लोगों ने आग को कंट्रोल करके बच्चों की जान बचाई। सिलेंडर को तुरंत घर से बाहर फेंक बड़ा हादसा टाला गया। झुलसे बच्चों की उम्र 6 से 14 साल है। वे करीब 40 फीसदी झुलस गए। आगजनी की घटना में झुलसे लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल सका। पूर्व सरपंच ने बताया कि पहले इन्हें फतेहगढ़ साहिब के सरकारी अस्पताल भर्ती कराया गया। वहां से इलाज नहीं मिला तो मंडी गोबिंदगढ़ के निजी अस्पताल लेकर गए। वहां भी इलाज से मना कर दिया गया। आखिर वे वापस झुलसे लोगों को लेकर खन्ना सरकारी अस्पताल आए। इस दौरान बच्चे बुरी तरह से तड़पते रहे।
