जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 2 कॉलोनियों के 7 प्लाटों की अलाटमेंट में गड़बड़ी हुई है। जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन जगतार सिंह संघेड़ा ने ये दावा किया है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि महंगे प्लाट सस्ते में अलॉट किए गए हैं। प्लाटों की फाइलों से रिकॉर्ड चोरी हो गया था। फिर तहसील से प्लाटों की रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड निकलवाया गया है। इसमें गड़बड़ी मिलीं। अब ट्रस्ट के मुलाजिमों, तत्कालीन अफसरों और प्लाट मालिकों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
संघेड़ा ने कहा है कि प्लाट अलॉटमेंट में घोटाला हुआ है। अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी फिक्स की जानी है। दि पंजाब टाउन इंप्रूवमेंट एक्ट 1922 के तहत वह स्टाफ के कंट्रोल व पर्चा दर्ज कराने की अथॉरिटी हैं। ट्रस्ट में करोड़ों के घोटाले में शामिल लोग ही दोषियों को शह दे रहे हैं, वह तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। उनके चंडीगढ़ के सारे कनेक्शनों का खुलासा भी करेंगे। ये मामला सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन व एनक्लेव जुड़ा है।
ट्रस्ट ने जुलाई में 2 प्लॉटों में अलॉटमेंट में गड़बड़ी पर पर्चे दर्ज कराए थे। इनसे जुड़े 28 डॉक्यूमेंट्स लोकल बॉडीज विभाग के चीफ सेक्रेटरी के ऑफिस को भेजे गए हैं। पहले से अदालत में केस थे। इस कारण ट्रस्ट ने रिकॉर्ड की जांच करवाई थी। अब अदालत में सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड तथा दर्ज एफआईआर पेश की जाएगी। ट्रस्ट चेयरमैन ने कहा है कि 3 अन्य केसों में जांच हो रही है। इनमें भी पर्चा दर्ज कराने की तैयारी है। बोगस डाक्यूमेंट्स के साथ रजिस्ट्री कराने और रेवेन्यू कलेक्शन को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ है। ट्रस्ट चेयरमैन ने कहा है कि पूर्व ट्रस्ट चेयरमैन तथा अनिल कुमार नामक मुलाजिम इस मामले में शामिल थे।
