पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले 2017 के NEET टॉपर डॉ. नवदीप सिंह (25) ने रविवार को सुसाइड कर लिया। उनका शव दिल्ली में पारसी अंजुमन धर्मशाला के एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। नवदीप दिल्ली के मौलाना आजाद कॉलेज में रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट से एमडी कर रहे थे। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही नवदीप का पूरा परिवार दिल्ली पहुंच गया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया है। अभी पुलिस जांच में स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवदीप ने आत्महत्या क्यों की है। परिवार का कहना है कि नवदीप अपने परिवार के साथ काफी जुड़ा हुआ। परिवार में कोई ऐसा विवाद नहीं था, जिससे वह ऐसा कदम उठाए। नवदीप सिंह पारसी धर्मशाला में ही रहते थे। रविवार सुबह जब वह कई देर तक कमरे से बाहर नहीं आए तो गार्ड ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर इंतजार करने के बाद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो गार्ड ने अन्य लोगों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। अंदर नवदीप ने पंखे से फांसी लगाई हुई थी। गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां नवदीप का मोबाइल पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए लैब भिजवा दिया। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में नवदीप के साथियों से पूछताछ की, लेकिन सुसाइड की वजह सामने नहीं आई। नवदीप के सीनियर डॉक्टर ने बताया कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था। मौलाना आजाद कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एमडी में एडमिशन लिया था। रविवार को नवदीप छुट्टी पर था।
नवदीप सिंह के पिता गोपाल सिंह सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनकी मां सिमरनजीत कौर लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में काम करती हैं। नवदीप का एक छोटा भाई भी है, वह चंडीगढ़ के एक कॉलेज से MBBS की पढ़ाई कर रहा है। नवदीप को बचपन में क्रिकेट खेलने का शौक था। 12वीं करने के बाद उनका सपना था कि वह दिल्ली के बड़े MBBS कॉलेज में पढ़ाई कर डॉक्टर बनेगा। इसके लिए उसने चंडीगढ़ के एक सेंटर से कोचिंग ली। 2017 में उन्होंने NEET का एग्जाम दिया और ऑल इंडिया टॉप किया। नवदीप के एग्जाम में 697 मार्क्स आए थे।
