जालंधर के श्री राम अस्पताल के बाहर प्रवासी मजदूरों के साथ शिवसेना नेताओं द्वारा धरना लगाया गया। प्रवासी मजदूर ने बताया कि वह पिता के सिर का ऑपरेशन करवाने के लिए अस्पताल में आए थे, जहां अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन के लिए 1 लाख 65 हजार रुपए का खर्चा परिजनों को बताया था। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने पिता के उपचार के लिए अधिकतर पैसे अस्पताल को दे दिए थे जबकि 70 हजार रुपए पर बकाया राशि रह गई थी।
पीड़ित का आरोप है कि अभी तक उसके पिता ठीक नहीं हो पाए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधकों द्वारा प्रतिदिन 10 हजार रुपए के हिसाब से 10 दिन और इलाज करने के लिए कहा गया है। पीड़ित ने कहा कि वह पहले से ही पिता के इलाज के लिए जमीन बेचकर पैसे लगा चुके हैं लेकिन अब उनके पास और पैसे नहीं है। वही पीड़ित के साथ आए परिजन ने कहा कि वह मरीज को उपचार के लिए पीजीआई लेकर जाना चाहते थे।
लेकिन डॉक्टर द्वारा उन्हें 1 लाख 65 हजार रुपए में उपचार करने का आश्वासन दिया गया था। व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अब डॉक्टर 10 दिन का और समय मांग रहे हैं और उन्हें 10 हजार रुपए के हिसाब से पैसे इंतजाम करने का कह रहे हैं। पर जिन्होंने कहा कि वह 300 रुपए प्रतिदिन दिहाड़ी पर काम करते हैं। ऐसे में वह इतनी रकम कहां से लेकर आए। जिसको लेकर परिजनों द्वारा 2 घंटे तक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया गया।
