पंजाब में लुधियाना के पास चलती ट्रेन पर पथराव की एक गंभीर घटना सामने आई है। नई दिल्ली से आ रही ट्रेन नंबर 14679 (दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस) पर अज्ञात शरारती तत्वों ने पत्थर बरसा दिए। इस पथराव में ट्रेन के एक कोच की खिड़की के तीन शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। हालांकि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन अचानक हुए इस हमले से ट्रेन में सवार यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की शुरुआती जानकारी 6 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष फिरोजपुर से मिली थी। सूचना मिलते ही RPF के उप निरीक्षक विजयपाल सिंह और सहायक उप निरीक्षक चमन लाल ने प्रभावित इलाके के आसपास रेलवे ट्रैक की गहन जांच की। हालांकि, जांच के दौरान मौके पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया। शिकायतकर्ता का संपर्क नंबर उपलब्ध न होने के कारण शुरुआती दौर में घटना के सटीक स्थान का पता लगाने में मुश्किल आई।
इसके बाद 7 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा कंट्रोल रूम ने हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए मामले की जानकारी साझा की। जब रात करीब 10:25 बजे दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर पहुंची, तो RPF पोस्ट अमृतसर के सहायक उप निरीक्षक रणवीर सिंह, C&W स्टाफ और जूनियर इंजीनियर (JE) रोहित कुमार ने ट्रेन का संयुक्त निरीक्षण किया।
जांच में कोच नंबर NR 246321 (LWSCZ) में सीट नंबर 43, 44 और 45 के पास खिड़की के दोनों तरफ के तीन शीशे टूटे पाए गए। रेलवे अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए संयुक्त नोट के अनुसार, ट्रेन पर पथराव लुधियाना पहुंचने से ठीक पहले बाईं तरफ से किया गया था।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इस घटना को यात्रियों की जान से खिलवाड़ और आपराधिक हस्तक्षेप मानते हुए सख्त कार्रवाई की है। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 (ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालना) और 147 (अनाधिकृत प्रवेश) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
रेलवे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना स्थल और आसपास के रेलवे ट्रैक के करीब लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि पत्थर फेंकने वाले आरोपियों की पहचान की जा सके। इस मामले की आगे की विस्तृत जांच उप निरीक्षक विजयपाल सिंह को सौंपी गई है और उच्च अधिकारियों को भी पल-पल की रिपोर्ट भेजी जा रही है।
