महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. शिंदे सरकार की तरफ से मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण का बिल पास कर दिया गया. इसके बावजूद मराठा प्रदर्शनकारियों का आक्रोश देखने को मिल रहा है. जालना में मराठा आरक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बस में आग लगा दी. मराठा आरक्षण को लेकर प्रदर्शनकारियों का हंगामा बढ़ता जा रहा है. कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जालना की अंबाद तहसील में कर्फ्यू लगाया गया है.
शिंदे सरकार ने 20 फरवरी को विधानसभा में एक विशेष सत्र बुलाकर मराठाओं को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण देने का बिल पास किया था. आपको बता दें कि इससे पहले मराठाओं को 52 फीसदी आरक्षण दिया गया था. 10 फीसदी आरक्षण और दिए जाने से उन्हें अब 62 फीसदी आरक्षण मिल गया है. राज्य में मराठाओं की आबादी 28 फीसदी है. सरकार की तरफ से मराठाओं को आरक्षण अलग से दिया गया है जबकि वे ओबीसी के अंदर ही आरक्षण की मांग कर रहे है. मराठा आरक्षण के कार्यकर्त्ता मनोज जरांगे का इसको लेकर कहना है कि उन्हें ओबीसी के दायरे से बाहर का कोटा दिए जाने से आरक्षण को कानूनी चुनौती मिल सकती है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 50 फीसदी से अधिक आरक्षण किसी को नहीं दिया जाएगा.
मनोज जरांगे ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मराठा समुदाय द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं. इसके साथ ही डिप्टी सीएम उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे है. प्रदेश के मराठाओं को धमकाने की कोशिश की जा रही है.
