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पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर अब देनी होगी ज्यादा फीस, 1 जुलाई से लागू होंगे नए नियम

ByPunjab Khabar Live

Jun 26, 2026

विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अब पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से अधिक खर्च करना होगा। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी की है। मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार नई फीस 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगी। इससे पहले साल 2012 में पासपोर्ट शुल्क में बदलाव किया गया था।

नई व्यवस्था के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के आवेदकों के लिए 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की नॉर्मल फीस 2500 रुपये होगी, जबकि तत्काल सेवा के लिए 5000 रुपये देने होंगे। वहीं 60 पन्नों वाले जंबो पासपोर्ट की नॉर्मल फीस 3500 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 6000 रुपये तय की गई है। 15 से 18 वर्ष के वे नाबालिग जो 10 साल की वैधता वाला पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, उन पर भी यही शुल्क लागू होगा।

यदि पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है तो भी अब अधिक शुल्क देना होगा। 36 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए नॉर्मल री-इश्यू फीस 5000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 7500 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं 60 पन्नों वाले जंबो पासपोर्ट के लिए नॉर्मल फीस 6000 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 8500 रुपये देनी होगी।

बच्चों के 36 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए नॉर्मल आवेदन शुल्क 1750 रुपये और तत्काल सेवा शुल्क 4250 रुपये होगा। यदि नाबालिग का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो नॉर्मल सेवा के लिए 4250 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 6750 रुपये चुकाने होंगे।

विदेश मंत्रालय ने अन्य दस्तावेजों की फीस भी तय कर दी है। भारत में इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि विदेश में इसके लिए 15 डॉलर देने होंगे। सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी की नॉर्मल फीस भारत में 1000 रुपये होगी। वहीं पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन जैसे दस्तावेजों के लिए 750 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इन सेवाओं के लिए तत्काल सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

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