कपूरथला की सबडिवीजन सुलतानपुर लोधी के गांव पस्सन कदीम में आवारा कुत्तों के नोचे जाने से मरी महिला के मामले में नया मोड़ आया है। मृतका के पति ने सुल्तानपुर लोधी की पुलिस पर पीटने के आरोप लगाए हैं। हालांकि थाना सुल्तानपुर लोधी के SHO ने मामला उनके एरिया का न होने की बात कही है, जबकि DSP ने कहा कि शक के आधार पर दबका जरूर मारा, लेकिन पीटा नहीं है। थाना सुल्तानपुर लोधी के बाहर मृतका परीदेवी के पति केवल ठाकुर ने आरोप लगाया कि थाना कबीरपुर पुलिस उसे थाना सुल्तानपुर लोधी यह कहकर लेकर आई कि वहां पर तुम्हारे कुछ दस्तख्त करवाने हैं। वह अपने साले, साली के साथ गया। जहां पर पुलिस उसे व उसके साले को अंदर ले गई। जहां पर 3 पुलिस वालों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस वाले कह रहे थे कि तुम्हे कैसे पता कि तुम्हारी पत्नी को कुत्तों ने काटा है। पुलिस वाले उससे बोले कि तुमने ही उसे जान से मारकर वहां फेंक आए हो।
केवल ठाकुर ने बताया कि पुलिस वालों ने बाजू मरोड़-मरोड़कर पूछा कि तूने ही मारा है। उसने कहा कि एक तो उसकी जीवनसंगिनी चली गई है और ऊपर से पुलिस वाले उस पर ही अत्याचार कर रहे हैं। वह कसम खाकर कहता है कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने उसे करीब 15 मिनट तक थाने में पीटा। मुझ पर दवाब डालकर पुलिस कबूल करवा रही थी कि तुमने अपनी पत्नी की हत्या की है। महिला के पति ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी तरफ थाना सुल्तानपुर लोधी के SHO इंस्पेक्टर हरगुरदेव सिंह ने कहा कि यह मामला उनके थाने से संबंधित नहीं है। उनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। थाना कबीरपुर के SHO एसआई गुरसाहिब ने कहा कि वह तो सिर्फ पूछताछ के लिए ही केवल ठाकुर को थाना सुल्तानपुर लोधी लेकर गए थे।
डीएसपी सुल्तानपुर लोधी बबनदीप सिंह ने कहा कि उन्हें शक था। इसलिए केवल ठाकुर को पूछताछ के लिए लेकर आए थे। एसएचओ के साथ उन्होंने उसे दबका जरूर मारा था, क्योंकि मंगलवार शाम छह बजे की उसकी पत्नी गई हुइ थी और उसने पुलिस को 14 घंटे बाद बुधवार सुबह 8 बजे सूचित किया। इस वजह से मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि उससे किसी भी पुलिस वाले ने मारपीट नहीं की है। आरोप बिल्कुल झूठा और बेबुनियाद है।
