(PKL): क्रांतिकारी लाला लाजपत राय की जन्मस्थली गांव डुढीके में गैस भट्टी पर एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक आग भड़कने के बाद लपटों ने गैस सिलेंडर को भी घेरे में ले लिया। लोग संभल पाते, उससे पहले ही तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। घटना के समय संस्कार में मौजूद करीब 30 लोग लपटों की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में प्रख्यात साहित्यकार स्व.जसवंत सिंह कंवल के बेटे सर्बजीत सिंह भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार डुढीके में दोपहर बाद करीब ढाई बजे एक व्यक्ति का संस्कार गैस की भट्टी पर किया जा रहा था, संस्कार के दौरान जैसे ही भट्टी के लिए गैस सिलेडर का वाल्व खोला गया तो अचानक आग भड़क गई। इससे पहले कि आपरेटर सिलेंडर के वाल्व को नियंत्रित कर पाते, आग ने सिलेंडर को भी चपेट में ले लिया। बड़ी संख्या में लोग उस समय संस्कार के लिए मौजूद थे, कुछ लोग स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया।
